हमने देखा है उदासियों को उदास होते हुए,
किसी से रहते है दूर हम पास होते हुए |
अपनी हालत का जब से एहसास हुआ है,
तब से देखा है पत्थरों को भी हमने रोते हुए |
जब कभी तेरी याद आती है "साहिल",
तब बिन बदल बरसात देखा है हमने होते हुए |
वो रखते है आरज़ू बहुत कुछ पाने की मगर,
बिना पाए देखा है हमने बहुत कुछ खोते हुए |

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