एक था मै. . .
Tuesday, 1 January 2013
देते हो दुआ . . .
देते हो दुआ मुस्कुराने की मुझको रुलाने के बाद ,
दिखाते हो हंसीन सपने मुझको जगाने के बाद :
न जाने ये कैसा इंतज़ार है "साहिल" -
जो ख़त्म होगा शायद मेरे मर जाने के बाद |
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