मेरी पहली मुहब्बत हो तुम,
मेरे जीने की जरुरत हो तुम ;
कल तक जो ख्वाब थे मेरे -
आज वो हकीकत हो तुम |
मेर ख्वाबो में एक तस्वीर थी ,
उससे कहीं बढकर खुबसूरत हो तुम ;
गुनगुनाता रहा हरपल जिसको मै -
मेरी वो दिलकश ग़ज़ल हो तुम |
मै अब तलक महसूस करता हूँ ,
मेरा वो एहसास हो तुम ;
दिल को समझाया मैने बहुत, मगर -
इसके धडकने का बहाना हो तुम |
मै सदियो से तराशता रहा जिसे ,
वो मुहब्बत की मूरत हो तुम ;
मेरे जीने की जरुरत हो तुम -
मेरी पहली मुहब्बत हो तुम |