Saturday, 10 March 2012

मेरी पहली मुहब्बत . . .

मेरी  पहली  मुहब्बत   हो  तुम,
मेरे  जीने  की  जरुरत हो तुम ;
कल   तक  जो  ख्वाब  थे  मेरे -
आज  वो   हकीकत  हो  तुम |

मेर   ख्वाबो   में  एक  तस्वीर  थी  ,
उससे कहीं बढकर खुबसूरत हो तुम ;
गुनगुनाता  रहा हरपल जिसको मै -
मेरी वो  दिलकश  ग़ज़ल  हो  तुम  |

मै  अब  तलक  महसूस  करता हूँ ,
मेरा   वो    एहसास  हो      तुम ;
दिल को समझाया मैने बहुत, मगर -
इसके  धडकने  का  बहाना  हो तुम |

मै  सदियो  से  तराशता  रहा  जिसे , 
वो  मुहब्बत   की  मूरत  हो  तुम ;
मेरे   जीने  की  जरुरत  हो   तुम -
मेरी   पहली   मुहब्बत  हो   तुम |

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