एक था मै. . .
Monday, 24 June 2013
एहसास . .
दर्द का एहसास अब कहाँ रहा मुझमे . . .;
जब सुना संग मेरी रहगुज़र के संग मेरे रोये है ,
कोई आवाज़ देकर जगा दे अब मुझको "साहिल"-
पत्थर के इंसानों के बीच हम भी अब तक सोये है |
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